Ahmedabad Case

https://www.youtube.com/watch?v=UiZV_2mgOE4&t=1s

 बयानों  में  विरोधाभास

1. आरोप

आरोपकर्त्री का कहना है कि वह आशारामजी बापू को पहली बार जन्माष्टमी कार्यक्रम 1996 में सूरत आश्रम में मिली थी और उसी समय से बापूजी तथा अन्य आरोपियों ने मिलकर एक षड्यन्त्र के तहत उसको वक्ता बनाने की बात करके फँसाना चाहा था ।

1. सत्य

जब जन्माष्टमी का कार्यक्रम सूरत में हुआ ही नहीं था, राजकोट में हुआ था तो 1997 होली शिविर से पहले मुलाकात का प्रश्न ही नहीं उठता । वास्तव में महिला 1997 में दसवीं कक्षा में थी ही नहीं । 1995 में आरोपकर्त्री महिला 2 बार दसवीं कक्षा में फेल हुई है । कोर्ट में गवाहों के हुए बयानों में भी यह बात सामने आयी कि फेल होने के बाद आरोपकर्त्री ने पढ़ाई छोड़ दी थी और वह घर के काम में हाथ बँटाती थी ।

2. आरोप

आरोपकर्त्री ने अपने बयान में यह भी कहा कि “2007 में मैंने निर्णय लिया कि मुझे अब आश्रम में रहना नहीं है तो मेरी जो मित्र थी उस मित्र से मैंने बात करी और उस मित्र की मदद से मैं आश्रम से भागकर सूरत में अपने माता-पिता के घर आ गयी ।”

2. सत्य

दरअसल 2006 में महिला ने आश्रम की गरिमा के खिलाफ कुछ ऐसा कार्य किया था जिसके लिए बापूजी ने उसके हित के लिए उसे जाहिर में डाँटा था । शिकायतकर्त्री के मित्र ने भी उसके कथन का समर्थन नहीं किया है । स्वयं जाँच अधिकारी ने कोर्ट में इस बात को स्वीकार किया लेकिन उसने न तो उस मित्र के बयान को और न ही कोर्ट के समक्ष बयान देने के लिए उस मित्र को प्रस्तुत किया ।

3. आरोप

 आरोपकर्त्री ने तथाकथित दुष्कर्म संबंधित आरोप के संबंध में बताया है कि “2001 गुरुपूर्णिमा के वक्त मुझे और एक अन्य साधिका को बापूजी की शांति वाटिका में ले जाया गया था । वहाँ पर उस दूसरी साधिका को बापूजी ने पहले बुलाया, उसके करीब 10 मिनट के बाद उसे जाने को बोला, मुझे बुलाया और मेरे साथ दुष्कर्म किया ।”

3. सत्य

आरोपकर्त्री ने जिस दूसरी साधिका के साथ बापूजी के पास जाने की बात कही, उस साधिका का पुलिस ने 2 बार बयान दर्ज किया । उस दूसरी साधिका ने आरोपकर्त्री के बयान का खण्डन करते हुए अपना स्टेटमेंट दिया । लेकिन पुलिस ने न ही उस साधिका को और न ही उसके लिपिबद्ध बयान को कोर्ट में प्रस्तुत किया । स्वयं जाँच अधिकारी का जब कोर्ट में बयान हुआ तो उसने इस बात को स्वीकार किया कि उस दूसरी साधिका ने शिकायतकर्ता के बयान का समर्थन नहीं किया है अर्थात् ऐसी कोई घटना घटी ही नहीं है ।

https://www.youtube.com/watch?v=UiZV_2mgOE4&t=1s