Case

एक ऐसा षड्यंत्र और अन्याय जिसे खुली आँख दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र देख रहा है

सत्य की कहानी तथ्यों की जुबानी


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सत्य की कहानी

तथ्यों की जुबानी

सत्य की कहानी

तथ्यों की जुबानी






संत श्री आशारामजी बापू पर थोड़े ही अंतराल में दो अलग – अलग स्थानों से एक जैसे केस होना क्या ये साजिश नहीं ?

जोधपुर केस :
आजीवन कारावास

अहमदाबाद केस :
आजीवन कारावास

सबूत :
कोई नहीं

सजा का आधार :
मात्र आरोपकर्त्री का बयान

No Evidence

still in jail, for 10+ years

60+ Years

selfless sewa

अहमदाबाद केस

कल्पित घटना

जोधपुर में झूठी FIR दर्ज होने के मात्र दो महीने बाद अक्टूबर 2013 में सूरत की दो बहनों ने आशारामजी बापू और उनके बेटे नारायण साँईं के खिलाफ 12 वर्ष पूर्व की कल्पित कहानी बताकर प्राथमिकी दर्ज कराई थी ।

महिला बयान बदलना चाहती थी

यही आरोपकर्त्री स्वयं अहमदाबाद गांधीनगर कोर्ट में अर्जी डालकर कहती है कि उसे बयान बदलना है लेकिन कोर्ट द्वारा उसकी अर्जी नामंजूर हो जाती है ।


विचारणीय

बड़ी बहन FIR में लिखती है कि 2001 में मेरे साथ बापू ने तथाकथित दुष्कर्म किया लेकिन छोटी बहन 2002 में नारायण साँईं के आश्रम में रहने के लिए आ जाती है ।

अब सवाल उठता है कि :

ये बहनें आश्रम में रहती थीं, वह स्वयं प्रचार समूह की मुखिया थी और पूरे महीने में केवल 7 या 8 दिन के लिए ही अहमदाबाद महिला आश्रम में आती थी तो.. अगर इसके साथ दुष्कर्म हुआ होता तो क्या सालों तक यह महिला आशारामजी बापू का महिमा मंडन करती रहती ?


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Fraud Case

No Evidence

Bail Rejected

Fraud Case

No Evidence

Bail Rejected

No Erythema

No Bite Marks

No Swelling

No Abrasion

No Erythema

No Bite Marks

No Swelling

No Abrasion

जोधपुर केस

लड़की की मेडिकल रिपोर्ट

No Swelling

No Physical Assault

No Abrasion

No Penetration

No Erythema

No Bite Marks


मेडिकल रिपोर्ट

लोकनायक अस्पताल, नई दिल्ली में आरोपकर्त्री की मेडिकल रिपोर्ट यह दर्शाती है कि रेप तो छोड़ो, किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ तक नहीं हुई, रिपोर्ट पूर्णतः नॉर्मल पायी गयी ।

तथाकथित घटना की रात का सच

तथाकथित घटना की रात करीब 9:00 से 12:00 बजे तक बापू आशारामजी 50-60 लोगों के बीच पहले सत्संग एवं बाद में मँगनी कार्यक्रम में थे ।

इन्वेस्टिगेशन एजेंसी ने छुपाये निर्दोषता के सबूत

तथाकथित घटना के 2 दिन पहले एवं 1 दिन बाद तक की कॉल डिटेल हटाकर चार्जशीट में लगायी गयी । यह जानबूझकर इसलिए किया गया कि बापूजी की निर्दोषता सिद्ध न हो सके ।

लड़की की वीडियोग्राफी के सबूत गायब

संदेहास्पद तरीके से उस विडियोग्राफी को गायब कर दिया गया । इतना ही नहीं, लड़की के जोधपुर में हुए पुलिस बयान की विडियोग्राफी की रिकॉर्डिंग में भी कई स्थानों पर छेड़छाड़ की गयी ।


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संतो पर प्रहार

क्या संत-समाज सुरक्षित है ?


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शंकराचार्य जयेन्द्र सरस्वतीजी

आरोप : हत्याकांड मामला


परिणाम : 9 साल बाद निर्दोष बरी




जगद्गुरु कृपालुजी महाराज

आरोप : उनकी एक शिष्या द्वारा बलात्कार का आरोप

परिणाम : आरोप निराधार साबित हए




श्री केशवानंदजी

आरोप : बलात्कार

परिणाम : 12 साल की जेल की सजा, 7 साल बाद निर्दोष बरी



50 YEars of sewa !

संत श्री आशारामजी बापू द्वारा चल रहे अविरत सेवा कार्य


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क्या कहते हैं अधिवक्ता ?

OPINIONS AROUND THE WORLD


21वीं सदी का सबसे बड़ा अन्याय..

सार बात यह है कि आशाराम बापू के खिलाफ बलात्कार का फर्जी मामला है । लगभग 85 वर्ष की उम्र में जब उनकी अपील उच्च न्यायालय में लम्बित है तो उन्हें जमानत देने से इन्कार करना मानवाधिकार और कानून की आपराधिक अवहेलना है ।

सुब्रमण्यम स्वामी

भारत के पूर्व कानून एवं न्यायमंत्री

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अश्विनी उपाध्याय

अधिवक्ता, सर्वोच्च न्यायालय

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हरिशंकर जैन

अधिवक्ता, सर्वोच्च न्यायालय